रायपुर। उत्तर बस्तर कांकेर जिले में मलेरिया से दो बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की विस्तृत जानकारी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और बुखार आने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है। विभाग ने बताया कि दोनों मामलों में समय पर जांच, उपचार, रेफरल और प्रभावित क्षेत्रों में मलेरिया सर्वे की कार्रवाई की गई। वहीं, 22 जुलाई को चलाए गए “मलेरिया मुक्त अभियान” के दौरान संबंधित गांवों में की गई जांच में सभी रिपोर्ट निगेटिव पाई गई थीं।
आश्रम में बीमार मिले बच्चे, जांच में मिला मलेरिया
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सुभाष कुमेटी (10 वर्ष), निवासी ग्राम डुडेरापाल, विकासखंड केशकाल (जिला कोंडागांव), बालक आश्रम मर्दापोटी में रहकर पढ़ाई करता था। 21 जुलाई को आश्रम के दो बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां रैपिड डायग्नोस्टिक (आरडी) किट से जांच करने पर प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (पीएफ) मलेरिया की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने तत्काल एसीटी (ACT) और प्राइमाक्वीन की पहली खुराक देकर उपचार शुरू किया।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि बुखार, ठंड लगना या मलेरिया जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें, घर के आसपास पानी जमा न होने दें और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें।