तीन दिन बाद भी शुरू नहीं हुई धान खरीदी — बासानवाही, मुसुरपुट्टा, मांड़ाभर्री के किसानों का फूटा गुस्सा, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

रिपोर्ट –चंद्रभान साहू बासनवाही


कांकेर। शासन द्वारा तय धान खरीदी तिथि को तीन दिन बीत चुके, लेकिन बासानवाही, मुसुरपुट्टा, मांड़ाभर्री सहित कई धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी अब तक शुरू नहीं हो सकी है।
इस देरी से किसानों का आक्रोश चरम पर है और ग्रामीण क्षेत्रों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है।

गांवों से पहुंचे कई किसानों ने साफ कहा —
> “हमने सालभर मेहनत करके फसल तैयार की है, लेकिन केंद्र बंद पड़े हैं। धान को कब तक संभालें? प्रशासन जवाब दे!

एक अन्य किसान ने चिंता जताई —
> “यदि जल्द खरीदी शुरू नहीं हुई तो फसल भी खराब होगी और हम आर्थिक तौर पर भी टूट जाएंगे।”

किसानों के अनुसार धान की ढुलाई, रखरखाव और सुरक्षा दिन-ब-दिन मुश्किल होती जा रही है।
यदि खरीदी में और देरी हुई, तो उन्हें भंडारण संकट, बारिश से नुकसान, और आर्थिक हानि झेलनी पड़ सकती है।

स्थानीय किसानों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द खरीदी प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य समय पर मिल सके और कृषि कार्य प्रभावित न हो।


किसानों का आरोप है कि कई बार शासन–प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, फिर भी खरीदी शुरू करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
खुले आसमान के नीचे रखा धान मौसम की मार झेल रहा है, जिससे फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है।कई किसानों ने  कर्ज लेकर धान फसल तैयार किया है। खरीदी में देरी से उन पर आर्थिक संकट और गहरा रहा है।


संयुक्त बैठक में बड़ा निर्णय

मामले की गंभीरता को देखते हुए बासनवाही, बांगाबारी और मांडाभर्री पंचायतों के किसानों ने संयुक्त बैठक की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि तीन दिनों के भीतर खरीदी शुरू नहीं होती, तो बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

किसान प्रतिनिधि नकुल निषाद, लखनलाल गंगबेर, पवन नेताम, सुकचन्द ध्रुव, कृष्णा साहू, रामसागर मरकाम, आल्हाराम यादव, सन्तराम यादव, मनोज साहू, सुकऊ मरकाम सहित उपस्थित किसानों ने एक स्वर में चेतावनी दी—
“सबर का बांध टूट चुका है। प्रशासन तीन दिन में खरीदी शुरू करे, अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएग,,

One thought on “तीन दिन बाद भी शुरू नहीं हुई धान खरीदी — बासानवाही, मुसुरपुट्टा, मांड़ाभर्री के किसानों का फूटा गुस्सा, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

  1. सरकार को किसान के धान खरीदी करने में सहयोग करें ऐसी हि इस साल धान का उपज बिमारी और कीट के कारण दो एकड़ में ४० कटा हुआ है इसमे ८० कटा का घाटा जबकी बीज सोसायटी से मैं भी लाया था सरकार को इस नुकसान किसानो के फसल का भरपाई करना होगा फसल बिमा का मुआवजा दे करके जबकी फसल का बिमा होता है और राशी कटोती होता है इसके बारे में सरकार को सोचना होगा सरकार ज्यादा तरह किसानों को नाचाता हैं सोसायटी केंद्र बांगाबारी मांडाभरी बासनवाही साइमुंडा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *