कांकेर –दुधावा। पुलिस चौकी दुधावा में आज क्षेत्र के व्यापारियों की बैठक आयोजित कर साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस ने हाल ही में वीडियो कॉल के माध्यम से होने वाली ठगी, फर्जी बैंक खातों (म्यूल/म्यूल खाता) के उपयोग तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए तरीकों की विस्तार से जानकारी दी।
निरीक्षक योगेंद्र वर्मा ने व्यापारियों को साइबर ठगी की जानकरी देते हुए बताया की किसी भी अनजान व्यक्ति की वीडियो कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साथ ही यह भी समझाया गया कि अपने बैंक खाते का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति को न करने दें, क्योंकि ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधी अवैध लेनदेन के लिए “म्यूल खाते” के रूप में करते हैं, जिससे खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकता है।
“साइबर ठग सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और फर्जी निवेश योजनाओं के माध्यम से कम समय में पैसा डबल या चार गुना करने का लालच देकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी निवेश प्रस्ताव पर भरोसा न करें, बिना सत्यापन के पैसे न भेजें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।”
पुलिस ने विशेष रूप से आगाह किया कि यदि आपके बैंक खाते में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बड़ी राशि जमा की जाती है या कोई व्यक्ति अपने पैसे आपके खाते में मंगवाने अथवा आपके खाते के माध्यम से लेनदेन करने का आग्रह करता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का लेनदेन करने से बचें और इसकी सूचना तत्काल पुलिस या अपने बैंक को दें। इस प्रकार के लेनदेन साइबर अपराध से जुड़े हो सकते हैं और अनजाने में खाताधारक भी कानूनी परेशानी में पड़ सकता है।
बैठक में उप निरीक्षक प्रेमचंद ठाकुर, स. उ. नि. गंगा राम शोरी , प्रधान आरक्षक _गौतम बिसेन,पदुम नेताम सहित पुलिस स्टाफ एवं स्थानीय व्यवसायी मुकेश गुप्ता, विक्की कुलदीप,अंकित जायसवाल शिवजी गुप्ता, पप्पू कुलदीप, मनोहर ठाकुर, हरीशचंद पटेल, गोलू पटेल,दामोदर गुप्ता,चित्रा सेन,मनोज खिलाडी, मुकेश शुक्ला, राकेश कश्यप सहित क्षेत्र के व्यापारी उपस्थित रहे। में पुलिस ने सभी व्यापारियों से सतर्क रहने, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने तथा साइबर ठगी होने पर बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।