सरकारी दावों की खुली पोल: जर्जर भवन के कारण निजी मकान में संचालित हो रहा स्कूल

रिपोर्ट –दीनदयाल साहू दुधावा


कांकेर -दुधावा। शिक्षा के अधिकार और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के सरकारी दावों के बीच ग्राम पंचायत भिरौद के नया पारा स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। विद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर होने के कारण पिछले करीब दो वर्षों से बच्चों की पढ़ाई एक निजी मकान में कराई जा रही है। ऐसे हालात में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य तीनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

खंडहर बन चुका है स्कूल भवन

ग्रामीणों और पालकों के अनुसार विद्यालय का मूल भवन वर्षों से मरम्मत के अभाव में खंडहर में तब्दील हो चुका है। भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें हैं और छत से प्लास्टर गिर रहा है। बरसात के मौसम में दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। इसी कारण भवन को असुरक्षित मानते हुए उसमें पढ़ाई बंद कर दी गई, लेकिन अब तक नए भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका।



निजी मकान में सुविधाओं का अभाव

मजबूरी में विद्यालय को गांव के एक निजी मकान में संचालित किया जा रहा है। यहां बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ बैठाकर पढ़ाना पड़ता है, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही स्वच्छ पेयजल, शौचालय और खेल मैदान जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।

ग्रामीणों में नाराजगी

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों को इस संबंध में अवगत कराया गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।

एक स्थानीय पालक ने कहा, “हम अपने बच्चों को अच्छे भविष्य की उम्मीद से स्कूल भेजते हैं, लेकिन यहां न सुरक्षित भवन है और न ही आवश्यक सुविधाएं। आखिर हमारे बच्चों को बेहतर शिक्षा का अधिकार कब मिलेगा?”

प्रधान पाठक ने कही यह बात

विद्यालय के प्रधान पाठक जुमर सिंह नेताम ने बताया कि विद्यालय भवन पिछले दो वर्षों से जर्जर स्थिति में है। इस संबंध में कई बार ग्राम पंचायत को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक न तो मरम्मत कराई गई और न ही नए भवन निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल हुई है।

सरपंच का पक्ष

ग्राम पंचायत भिरौद की सरपंच लता नेताम ने बताया कि भवन की मरम्मत के लिए उपसरपंच को पहले ही निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि पंचायत की ओर से प्रस्ताव तैयार कर नए विद्यालय भवन के निर्माण के लिए शासन से मांग की जाएगी।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र नए स्कूल भवन की स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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