कांकेर। नरहरपुर वन परिक्षेत्र के लारगांव मरकाटोला में बुधवार सुबह करीब 11 बजे हुई दर्दनाक घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया। अपने शावक की मौत के बाद आक्रामक हुई मादा भालू ने हमला कर भाई-बहन की जान ले ली, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल को पहले कोमलदेव अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रायपुर रेफर किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, मंगलवार को मादा भालू के शावक की मौत हो गई थी। इसके बाद से वह अपने बच्चे के शव के पास, जो स्कूल से सटा हुआ क्षेत्र है, लगातार बैठी हुई थी और बेहद उग्र हो गई थी। बुधवार को एक ग्रामीण बैल चराने खेत गया, तभी मादा भालू ने उस पर हमला कर दिया। उसे बचाने पहुंची उसकी बहन भी भालू के हमले का शिकार हो गई। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद मादा भालू काफी देर तक दोनों शवों के पास बैठी रही और किसी को भी पास नहीं आने दिया। सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे।
स्थानीय विधायक आशाराम नेताम ने बताया, “सुबह करीब 11 बजे ग्रामीणों से फोन पर घटना की जानकारी मिली। मैं तत्काल मौके पर पहुंचा। वहां देखा कि भालू शवों के पास डटा हुआ था और हट नहीं रहा था। मृतक दोनों भाई-बहन हैं। घायल महिला को रायपुर रेफर कराया गया है। पुलिस, 108 एम्बुलेंस और वन विभाग को तत्काल सूचना देकर राहत कार्य शुरू कराया गया। मृतक परिवार को हरसंभव सहायता दी जाएगी।”
ट्रैंक्यूलाइज होते ही ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद मादा भालू को ट्रैंक्यूलाइज कर बेहोश किया। लेकिन जैसे ही टीम उसे वहां से ले जाने लगी, आक्रोशित ग्रामीणों ने बेहोश भालू पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को रोकने की कोशिश की, लेकिन गुस्साए लोग भालू पर हमला करने पर उतारू रहे। काफी प्रयासों के बाद वन विभाग ने बेहोश भालू को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और मृतकों के शवों को भी घटनास्थल से बाहर निकाला।
पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता
घटना के बाद वन विभाग और प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। अधिकारियों और विधायक ने आश्वासन दिया कि आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी होते ही शेष राहत राशि भी जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी।
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे मरकाटोला और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने लोगों से जंगल और वन क्षेत्र के आसपास अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की है।