लगातार दूसरे दिन तेंदुए का हमला, आखिर क्यों बढ़ रहे हैं इंसानों पर हमले ? जंगल सिमटने और भोजन की कमी पर उठे सवाल

कांकेर– जिले के सरोना वन परिक्षेत्र में लगातार दूसरे दिन तेंदुए के हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मंगलवार 17 जून 2026 की शाम करीब 8 बजे परिसर शामतरा, ग्राम पंचायत देवडोंगर के आश्रित ग्राम ढेकलावन (गुड़रापारा) में 66 वर्षीय मंगतीन बाई यादव, पति परऊ राम यादव पर तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। घायल महिला को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल कांकेर भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।

इससे एक दिन पहले गट्टागुडम में भी तेंदुए के हमले में दो लोग घायल हुए थे। लगातार दो दिनों में तीन लोगों पर हुए हमलों ने पूरे क्षेत्र में भय का माहौल पैदा कर दिया है।

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं तेंदुए के हमले ?

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, तेंदुए आमतौर पर इंसानों से दूरी बनाए रखते हैं, लेकिन कई कारणों से मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ रहा है। इनमें प्रमुख कारण हैं—

  • जंगलों का लगातार सिमटना और प्राकृतिक आवास का प्रभावित होना।
  • जंगली शिकार (हिरण, जंगली सुअर आदि) की कमी, जिससे तेंदुए भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं।
  • मानव गतिविधियों का जंगलों के नजदीक बढ़ना, जिससे वन्यजीवों का प्राकृतिक व्यवहार प्रभावित हो रहा है।
  • गर्मी और पानी की कमी के कारण भी वन्यजीव गांवों की ओर भटक सकते हैं।

हालांकि, किसी एक घटना के पीछे सटीक कारण का निर्धारण वन विभाग की जांच और स्थानीय परिस्थितियों के अध्ययन के बाद ही किया जा सकता है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, लोगों को सतर्क करने और तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने की मांग की है।

दैनिक मिडिया न्यूज़
कांकेर से विशेष रिपोर्ट

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